बुलडोज़र रिपब्लिक का ये रूप योगी जी की सभी खोजों में से सबसे बेहतरीन खोज है । इसको पूर्ण रूप से भारतीय दंड संहिता से बदल कर लागू कर देना चाहिए । वैसे भी भारतीय दंड संहिता 1862 में अंग्रेजी सरकार द्वारा लागू की गई कानूनी व्यवस्था है , अंग्रेजो को शायद न्याय की ये प्रक्रिया ज़्यादा बेहतर लगती है , जिसका आधार ही ये है कि चाहे सौ गुनाहगार छूट जाए परंतु किसी एक भी बेकसूर को सज़ा नहीं मिलनी चाहिए ।
भारत में हमें ये बुलडोज़र वाली प्रक्रिया पसंद है , इसका सबसे बड़ा फायदा तो ये है कि किसी भी तरह की न्यायिक संस्थाओं की ज़रूरत नहीं पड़ेगी । अदालतों , न्यायधीशों , वकीलों व न्यायिक संस्था पर होने वाले किसी भी तरह के आर्थिक नुकसान से हम बचेंगे । पुलिस व सरकार तुरंत दोषी की पहचान करके बुलडोज़र का इस्तेमाल कर पाएगी । दूसरा दंड के हिसाब से सज़ा तय कर दी जाएगी , जैसे टैक्स चोरी करने पर आपके पारिवारिक मकान का बाहर निकला हुआ छज्जा तोड़ा जाएगा , बिजली चोरी करने पर आपके घर की अवैध पार्किंग तोड़ी जाएगी , आपके घर का कोई भी सदस्य किसी भी तरह के जुर्म में संलिप्त पाया जाता है तो सरकार के पास ये अधिकार होगा कि वो चाहे तो आकर बुलडोज़र से आपका पूरा मकान तोड़ दे । आपको ये बुलडोज़र तंत्र के न्याय को स्वीकार करना ही होगा । मेरी प्रधानमंत्री जी से ये प्रार्थना है कि इस बुलडोज़र तंत्र को तुरंत प्रभाव से लागू कर देना चाहिए व बहुमत का इस्तेमाल करके उतनी ही शीघ्रता से भारतीय दंड संहिता व न्यायपालिका को बर्खास्त कर देना ही हमारे लिए मास्टर स्ट्रोक होगा ।
जय हिंद
- हिमांशु कटारिया
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