Marital Rape यानि विवाह के उपरांत अपने साथी के साथ उसकी इजाज़त व ईच्छा के विरुद्ध ज़ोर जबरदस्ती करना ( शारीरिक संबंध बनाना अथवा कोशिश करना )। भारत जैसे देश मे ही नही बल्कि पूरे विश्व भर में जहाँ पितृसत्तात्मक समाज में विवाह के बाद भी पत्नी पक्ष के किसी भी प्रकार के विचार को मानना या उनका बोलना तक पति पक्ष अपनी बेइज़्ज़ती समझते आये है। वहाँ शारीरिक संबंध बनाने से उनका इनक़ार करना, उस समय जब उनके पति ( भारतीय समाज में तो पति को पत्नी के लिए "भगवान" के समक्ष ही माना जाता रहा है ) संबंध बनाने का फ़ैसला कर चुके हो, यूरोपीय समाज में भी और भारतीय समाज में भी पितृसत्तात्मक सोच के इन 'मर्दों' के लिए बेइज़्ज़ती व असुरक्षा की बात है , क्योंकि जहाँ औरतों के किसी ऐसे विचार से जहाँ इन की कामेच्छा में ख़लल पड़ती है वहीं किसी न किसी रूप में थोड़ी ही सही पर अपनी बात कहने की व ईच्छा ज़ाहिर करने की स्वतंत्रता महिलाओं को मिलती है। हालांकि पश्चिमी देशों में ख़ासकर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका व ब्रिटेन में 19वीं शताब्दी की शुरुआत में महिला सशक्तिकरण के आंदोलनों के उत्थान के समय से ही इसका विरोध होना शुरू...